EMI कैलकुलेटर

होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन: रकम, ब्याज दर और अवधि बदलिए, EMI और कुल ब्याज तुरंत दिखेगा। या उल्टा: अपनी EMI से लोन, ब्याज दर या अवधि निकालिए।

क्या निकालना है?
₹
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साल
हर महीने की EMI
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मूलधनकुल ब्याज
हर महीने की EMI
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मूलधन (लोन)
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कुल ब्याज
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कुल चुकाना होगा
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साल-दर-साल हिसाब

सालमूलधन चुकायाब्याज चुकायाबचा हुआ लोन

EMI कैसे निकलती है?

बैंक यह फॉर्मूला इस्तेमाल करते हैं:

EMI = P × r × (1 + r)n ÷ [(1 + r)n − 1]

यहाँ P लोन की रकम है, r महीने की ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) और n कुल महीने।

उदाहरण

₹30 लाख का होम लोन, 8.5% सालाना ब्याज, 20 साल (240 महीने) के लिए। r = 8.5 ÷ 12 ÷ 100 = 0.00708। फॉर्मूले से EMI लगभग ₹26,035 आती है। 240 किस्तों में कुल ₹62.5 लाख चुकाने होंगे, यानी ₹32.5 लाख सिर्फ़ ब्याज।

शुरुआत के सालों में ब्याज ज़्यादा क्यों?

हर किस्त में ब्याज बचे हुए लोन पर लगता है। शुरू में बचा हुआ लोन बड़ा होता है, इसलिए EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है। ऊपर की टेबल में देखिए, कैसे हर साल मूलधन वाला हिस्सा बढ़ता जाता है।

उल्टा हिसाब: लोन, ब्याज दर या अवधि निकालें

ऊपर "क्या निकालना है?" में चुनिए कि क्या जानना है, बाकी नंबर डालिए। जैसे आप हर महीने ₹30,000 की EMI दे सकते हैं, दर 8.5% और अवधि 20 साल, तो लगभग ₹34.6 लाख तक का लोन ले सकते हैं।

लोन = EMI × [(1 + r)n − 1] ÷ [r × (1 + r)n]

"ब्याज दर" चुनकर लोन, EMI और अवधि डालें तो पता चलता है कि बैंक असल में कितनी दर ले रहा है। "अवधि" चुनें तो दिखेगा कि बड़ी EMI देने से लोन कितनी जल्दी ख़त्म होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या रेपो रेट बढ़ने से मेरी EMI बढ़ जाएगी?

अगर आपका लोन रेपो रेट से जुड़ा (floating) है तो अगले रीसेट पर आपकी ब्याज दर बढ़ सकती है। बैंक या तो EMI बढ़ाता है या लोन की अवधि। फिक्स्ड रेट लोन पर असर नहीं होता।

लोन की अवधि बढ़ाने से EMI कम होती है, क्या यह अच्छा है?

EMI कम हो जाती है, लेकिन कुल ब्याज काफ़ी बढ़ जाता है। ऊपर अवधि बदलकर कुल ब्याज का फ़र्क खुद देखिए।

क्या इस EMI में प्रोसेसिंग फीस और इंश्योरेंस शामिल है?

नहीं। यह सिर्फ़ मूलधन और ब्याज की EMI है। प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस या GST बैंक अलग से लेता है।

प्रीपेमेंट करने से क्या फ़ायदा होता है?

बीच में एक्स्ट्रा पैसा जमा करने से बचा हुआ लोन घटता है, जिससे आगे का ब्याज कम हो जाता है। फ्लोटिंग रेट होम लोन पर ज़्यादातर बैंक प्रीपेमेंट पर चार्ज नहीं लेते, फिर भी अपने बैंक से पुष्टि करें।

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