FD का ब्याज कैसे निकलता है?
A = P × (1 + r ÷ k)k × t
P जमा रकम, r सालाना दर (दशमलव में), k साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है (तिमाही = 4) और t साल।
उदाहरण
₹1 लाख, 7% सालाना, 5 साल, तिमाही कंपाउंडिंग: मैच्योरिटी पर लगभग ₹1,41,478 मिलेंगे, यानी ₹41,478 ब्याज। तिमाही कंपाउंडिंग की वजह से असल सालाना रिटर्न 7% नहीं, लगभग 7.19% बनता है।
टैक्स और TDS
FD का ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल है। अगर एक बैंक से साल का ब्याज तय सीमा से ज़्यादा हो तो बैंक TDS काटता है। मौजूदा सीमा और फॉर्म की जानकारी अपने बैंक से ज़रूर लें।
उल्टा हिसाब: आज कितना जमा करें?
"जमा रकम" चुनें और मैच्योरिटी पर जितना चाहिए वह डालें। 5 साल बाद ₹5 लाख चाहिए, 7% तिमाही कंपाउंडिंग: आज लगभग ₹3,53,412 जमा करने होंगे।
जमा = मैच्योरिटी ÷ (1 + r ÷ k)k × t
"ब्याज दर" चुनकर जानें कि लक्ष्य के लिए कितनी दर चाहिए, या "अवधि" चुनकर कि पैसा कब तक बढ़कर उतना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या FD पर ब्याज हर तिमाही जुड़ता है?
ज़्यादातर बैंकों में cumulative FD पर ब्याज हर तिमाही मूलधन में जुड़ता है। छोटी अवधि (लगभग 6 महीने से कम) की FD पर कई बैंक साधारण ब्याज देते हैं।
सीनियर सिटीज़न को कितना ज़्यादा ब्याज मिलता है?
ज़्यादातर बैंक 60 साल से ऊपर वालों को आम दर से लगभग 0.25% से 0.75% ज़्यादा देते हैं। अपने बैंक की दर ऊपर डालकर हिसाब देखें।
FD समय से पहले तोड़ने पर क्या होता है?
बैंक आमतौर पर जितने समय FD चली उस अवधि की दर से ब्याज देता है और ऊपर से पेनल्टी काटता है। इसलिए असल रकम इस कैलकुलेटर से कम हो सकती है।
क्या FD में पैसा सुरक्षित है?
DICGC हर बैंक में एक व्यक्ति के कुल ₹5 लाख तक के जमा (मूलधन और ब्याज मिलाकर) का बीमा करता है।
दूसरे कैलकुलेटर: EMI कैलकुलेटर · SIP कैलकुलेटर · GST कैलकुलेटर · सैलरी कैलकुलेटर
